होली के रंग बच्चों के संग

Happy Holi

विचार किजीए यदि आपके जीवन में रंग ना हो तो कैसा हो? जी हाँ, दोस्तों होली का त्यौहार हमारे जीवन का एक प्रमुख रंग “खुशी ” को लेकर आता है! हम सभी के लिए तो है ही, पर देखा जाए तो बच्चों का अधिक है, क्यों ना हो , रंगों से खेलना इनका प्रिय खेल है! जिस तरह से बेजान तस्वीर में रंग डालते ही वह खिल उठती है, उसी तरह बच्चों की मुठ्ठी में जब रंगो को भर दिया जाता है तो उनकी खिली हुई मुस्कान खुशी का संदेश देती हुई दिखाई देती है!

बच्चों की दुनिया जितनी रंगीन होती है शायद हमारी नहीं! इनकी दुनिया चमकीले रंग की तरह है जिसमें छोटे -छोटे चाँद तारे भरे होते हैं! होली अनेक रंग की तरह बच्चों में अनेक भावों को दिखाती है कभी हमारे लगाए हुए गुलाल पर इनके आँसू उमड़ आते हैं तो कभी उसी गुलाल को लेकर वो हमारे ऊपर ही पलट देते हैं, कुछ को खेलने का मन है लेकिन उदास हैं क्योंकि त्यौहार का सामान बेच कर ही होली खेल सकते थे। एक बच्चा इस लिए नहीं खेल पा रहा क्योंकि माँ ने इजाजत नहीं दी है! वह झूले में बैठकर ही आनंदित हो रहा है!
इस तरह से किसी ना किसी प्रकार से बच्चे होली के त्यौहार को मना ही लेते हैं। कुछ गुलाल के लाल पीले चेहरों के बीच अपनी पहचान छिपाए दिखते हैं और कुछ खुले में रंगो का आनंद लेते नज़र आते हैं।

तो किस प्रकार ये बच्चे अपनी मुसकुराहटों का रंग बिखेरते हुए होली मानते हैं , आइए देखते हैं!

Author: Rekha Tripathi